विस्थापित प्रभावित परिवारों की समस्याओं का हल करें कंपनी नहीं तो होगा चक्का जाम — रोशन लाल चौधरी

विस्थापित प्रभावित परिवारों के साथ दुर्व्यवहार करने वाले अधिकारियों को अभिलंब हटाए — रौशन लाल
बड़कागांव — हजारीबाग जिला समर न्यायालय में जिला प्रशासन एसडीओ राजकिशोर प्रसाद के अध्यक्षता में त्रिपक्षीय वार्ता का आयोजन किया गया। जिसमें बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी हजारीबाग सदर विधायक प्रदीप प्रसाद एवं बड़कागांव विस्थापित प्रभावित क्षेत्र के लोग इस बैठक में शामिल हुए। जिसमें रूप से विस्थापित प्रभावित ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं को हजारीबाग जिला प्रशासन और विधायक के समक्ष रखा। मौके पर बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी ने कड़े शब्दों कंपनी के द्वारा विस्थापित प्रभावित परिवारों के साथ हो रहे अनदेखा का विरोध करते हुए कंपनी के अधिकारियों एवं हजारीबाग जिला प्रशासन को कहा कि सभी विस्थापित प्रभावित परिवार को एनटीपीसी के द्वारा 2016 का कट ऑफ डेट हटाया जाए जिस गांव को जिस तिथि को विस्थापित किया जाता है उस तिथि को मानते हुए उस घर में रह रहे लड़का लड़की 18 वर्ष का है उसे विस्थापन का लाभ दिया जाए। विस्थापित परिवार के घर का मुआवजा का भुगतान करने तथा विस्थापन लाभ का भुगतान करते हुवे साथ साथ करते हुए घर तोड़ने से पहले रैयतों को कम से कम 6 माह का समय दिया जाए मकान बनाने के लिए साथ ही विस्थापन प्रमाण पत्र निर्गत किया जाए। वैसे विस्थापित परिवार जिनके घर का मुआवजा नहीं मिला है और घर मकान तोड़ दिया गया है 2020 जो आज तक मुआवजा नहीं मिला है। जैसे ग्राम मंझली डाडी लगभग 30 से 35 घर मकान है। ग्राम चेपा कला में लगभग 20 से 25 घर मकान तोड़ दिया गया है जो आज तक मुआवजा नहीं मिला है वही कंपनी के प्रशांत सिंह द्वारा धमकी दिया जाता है की पुराना घर माफी करो तभी आपको मिलेगा
। वैसे विस्थापित परिवार उनके जिनका जमीन एनटीपीसी में अधिग्रहित हो चुका है उसको रोजगार से जोड़ा जाए तथा वैसे परिवार जिसको रोजगार देकर के बाद में कंपनी के द्वारा घर तोड़ने का जबरन दबाव बनाकर नहीं तोड़ने पर रोजगार से बैठा दिया गया है। एनटीपीसी के द्वारा 2016 से 2025 तक का प्रदूषण का लाभ से वंचित रखा गया है कोई भी सुविधा आज तक विस्थापित गांव का व्यक्ति का लाभ नहीं मिला है। ग्राम मंझली डाडी अंतर्गत उत्क्रमित मध्य विद्यालय मंझली डाडी तथा आंगनबाड़ी केंद्र एनटीपीसी कंपनी के द्वारा जबरन तोड़ दिया गया है आज तक नहीं बनाया है।
विस्थापित परिवार को घर मकान का मुआवजा भूमि अधिग्रहण 2013 के नियमों वाली के तहत पक्का मकान घर अल्वेस्टर घर का दर से भुगतान किया जाए। विस्थापित परिवार जिसकी जमीन मुआवजा संपत्ति कहां भुगतान ट्रेजरी में डाला गया है उसकी घर तोड़ने से पहले मुआवजा का भुगतान किया जाए ट्रेजरी से वापस किया जाए और रैयत सीधा दिया जाए । विस्थापित प्रभावित परिवार को झारखंड सरकार के मान्यता द्वारा 75% रोजगार दिया जाए । विस्थापित प्रभावित परिवार को ही ट्रांसपोर्टिंग का लाभ जैसे लोडर, हाईवा पानी टैंकर, जेसीबी, बोलोरो, स्कॉर्पियो विस्थापन परिवार से ही लिया जाए। विस्थापित परिवार के साथ गलत व्यवहार करने वाले पदाधिकारी को अभिलम हटाया जाए। चाहे वो एनटीपीसी के हो या त्रिवेणी के अधिकारी जो विस्थापित प्रभावित परिवारों के साथ दुर्व्यवहार करते हैं।
वैसे विस्थापित परिवार जो पेंशन हेतु आंचल द्वारा प्रमाणित वंशावली जो जमीन का पेमेंट भुगतान के समय जमा किया गया वंशावली के आधार को मानते हुए पेंशन का भुगतान किया जाए। पूर्वजों का मृत्यु प्रमाण पत्र की बाध्यता को खत्म किया जाए । वैसे विस्थापित परिवारों को जिनका गैर मजरूवा जमीन दखल कब्जा में है उसे रैयती मान्यता के दर से भुगतान किया जाए। आगे उन्होंने एनटीपीसी के उच्च स्तरीय अधिकारियों के साथ समस्या के स्थाई समाधान के लिए राज्य सरकार के उच्च अधिकारी जैसे सचिव, सांसद विधायक जिला प्रशासन रैयत विस्थापित प्रभावित के बीच एक डेट तय करके इसका स्थाई समाधान निकालने के लिए बैठक करने की बात कही। साथी उन्होंने कहा कि अगर विस्थापित प्रभावित परिवारों की समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता तो हम लोग चक्का जाम करेंगे। मौके पर मुख्य रूप से हजारीबाग विधायक प्रदीप प्रसाद, पूर्व विधायक लोकनाथ महतो, चेपाकला मुखिया अनिकेत नायक, आजसू जिला उपाध्यक्ष रामचंद्र साव, उपेंद्र कुमार, गोबिंद महतो,बलदेव महतो,रंजीत महतो, लीलाधन साव, तुलेश्वर महतो, सुनील कुमार, रामचंद्र महतो, दिनेश्वर महतो, राजेश्वर महतो सहित बड़कागांव केरेडारी के विस्थापित प्रभावित क्षेत्र से दर्जनों लोग मौजूद थे।

