
सावित्रीबाई शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के लिए अपना जीवन समर्पित कर दीए – संदीप
बड़कागांव। हजारीबाग रोड स्थित अंग्रेजी माध्यम से संचालित बी.एम. मेमोरियल स्कूल में देश की पहली महिला शिक्षिका सावित्री बाई फुले की जयंती मनाई गई।जिसकी अध्यक्षता प्राचार्य कैलाश कुमार व संचालन आनंद कुमार पासवान ने किया। इस कार्यक्रम में शिक्षकों के द्वारा सावित्रीबाई फुले के चित्र पर पुष्पांजलि किया।इस दौरान वरिष्ठ शिक्षक ब्रह्मदेव सिंह चौहान ने उनके जीवन पर आधारित विद्यार्थियों के बीच कहा कि सावित्रीबाई फुले शिक्षक होने के साथ भारत के नारी मुक्ति आंदोलन की पहली नेता, समाज सुधारक और मराठी कवयित्री भी थी। इन्हें बालिकाओं को शिक्षित करने के लिए समाज का कड़ा विरोध झेलना पड़ा था। उन्होंने छुआछूत, सती प्रथा, बाल विवाह तथा विधवा विवाह जैसी कुरीतियों के विरुद्ध काम किया। वह एक कवियत्री भी थी , उन्हें मराठी की आदि कवियत्री के रूप में भी जाना जाता है।निदेशक संदीप कुशवाह ने कहा कि सावित्रीबाई फुले ने सामाजिक एकता, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।वह आज सभी देशवासियों के लिए प्रेरणा स्रोत है।सावित्रीबाई फुले की सहायता से भारत में स्त्रियों के लिए पहले विद्यालय की स्थापना हुई , सावित्रीबाई फुले ने लड़कियों और समाज के बहिष्कृत हिस्सों के लोगों को शिक्षा प्रदान करने में अग्रणी भूमिका निभाई।वह भारत की पहली महिला अध्यापिका बनीं थी।
मौके पर निर्देशक सन्दीप कुशवाहा,उपनिदेशक पिंटू कुशवाहा दिनकर ,प्राचार्य कैलाश कुमार ,विद्यालय के शिक्षक चेयरमैन रंजीत कुमार, वरिष्ठ शिक्षक ब्रह्मदेव सिंह चौहान,आनंद कुमार पासवान , आशीष कुमार, महेंद्र कुमार, सुमित कुमार, सोनू कुमार ,मुकेश कुमार, ऋषभ अग्रवाल, रवि कांत कुमार ,विकाश कुमार ठाकुर,सुभाष कुमार,मनीषा कुमारी,एरिका टोप्पो, ,देवंती देवी, अफसाना परवीन, स्नेहा कुमारी, गंगा भारती, अंजली कुमारी,आर्या कुमारी, सुमन कुमारी, अंजली कुमारी सहित सैकड़ों छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

